विधायक का चुनाव कैसे लड़े – How to file MLA form, विधायक कैसे बनें, विधायक का पर्चा कैसे भरें, विधायक बनने के लिये क्या योग्यता होनी चाहिये, विधायक का चुनाव लड़ने के लिये क्या डाक्यूमेंट्स चाहिये, विधायक का चुनाव लड़ने के लिये उम्र कितनी होनी चाहिये, विधायक का चुनाव लड़ने में खर्चा कितना लग जाता है

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विधायक का चुनाव कैसे लड़े

विधायक का चुनाव कैसे लड़े – से सम्बन्धित उपरोक्त सवालों के जवाब से साथ विधायक का चुनाव कैसे लड़े की पूरी जानकारी इस पोस्ट में विस्तार से दी जा रही है तो कृपया इस पोस्ट को ध्यान से पूरा जरूर पढ़ें

विधायक का चुनाव कैसे लड़े
विधायक का चुनाव कैसे लड़े

आपको बता दें कि भारत के पांच राज्यों में चुनाव है जिनमें से मध्य प्रदेश भी एक राज्य है जहां विधानसभा के चुनाव होने हैं, विधानसभा चुनाव 2023 के लिए मध्य प्रदेश में दिनांक 21 अक्टूबर से विधायक का फॉर्म भरा जा रहा है, अगर आप जानना चाहते हैं कि विधायक का चुनाव कैसे लड़े तो इस पोस्ट में पूरी विस्तार से जानकारी दी गई है

How to file MLA form

विधायक का चुनाव कैसे लड़े -विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए जो लोग पिछले 5 सालों से इंतजार कर रहे थे अब उनका इंतजार खत्म हो गया है अब उनका चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वाले उम्मीदवार दिनांक 21 अक्टूबर 2023 से अपना विधानसभा चुनाव के लिए विधायक का फॉर्म भर सकते हैं

विधायक का चुनाव लड़ने के लिए इच्छुक उम्मीदवार 21 अक्टूबर दिन शनिवार से अपने जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में अपना विधायक का पर्चा भरेंगे यानी कि वह अपने विधायक पद के लिए अपना नाम निर्देशन पत्र जमा कर सकेंगे

यह विधायक बनने के लिए जो नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है यह आने वाले 30 अक्टूबर तक जारी रहेगी यानी विधायक की का चुनाव लड़ने के लिए आपको 21 अक्टूबर से लेकर 30 अक्टूबर 2023 तक फॉर्म भरे जाएंगे

विधायक का चुनाव कैसे लड़े

विधायक का चुनाव कैसे लड़े -मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लेकर पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग द्वारा पूरी कर ली गई है और निर्वाचन आयोग द्वारा सभी तैयारियां पूरी करने के बाद जिला निर्वाचन कार्यालय को निर्देशित कर दिया है और जिला निर्वाचन कार्यालय में भी पूरी तैयारी कंप्लीट कर ली गई हैं

विधानसभा चुनाव 2023 में जो चुनाव होने हैं उनमें विधायकों का फॉर्म जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में भरा जाएगा जिसमें उसे जिले की जितनी भी विधानसभा सीट हैं उन सभी विधानसभा सीटों के विधायक प्रत्याशियों का नामांकन कलेक्ट कार्यालय में जमा होंगे

विधायक का चुनाव कैसे लड़े- विधायक का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों का पर्चा कलेक्ट के किसी कमरे में बनाए गए बाकायदा अलग-अलग रूम में अलग-अलग रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किए गए हैं जैसे आपको बता दूं कि मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले का विधायक प्रत्याशियों का फॉर्म सिंगरौली जिला कलेक्ट्रेट में भरा जा रहा है

और उसमें विधानसभा सिंगरौली का पर्चा कच्छ क्रमांक 3 में और देवसर का कच्छ क्रमांक 23 में और चितरंगी का कक्ष क्रमांक 15 में विधायकों का पर्चा भरा जा रहा है

सभी प्रकार के नामांकन दाखिल किए जाने संबंधित व्यवस्थाएं की गई हैं जिससे नामांकन दाखिल करने वाले उम्मीदवारों को किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो

विधायक का चुनाव कैसे लड़े

  • उम्मीदवारों को अपना सारा विवरण देना होगा
  • उम्मीदवारों को विवरण देने के साथ-साथ आपराधिक रिकॉर्ड का व्योरा देना होगा

विधानसभा चुनाव 2023 के सभी विधानसभा क्षेत्र के चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी गई है जिसमें दिनांक 21 अक्टूबर से नामांकन पत्र जमा किए जा रहे हैं और प्राप्त भी किया जा रहे हैं

विधायक का चुनाव कैसे लड़े -संबंधित विधानसभा क्षेत्र के जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में जिला निर्वाचन अधिकारी वह कलेक्टर ने बताया है कि नामांकन पत्र के साथ उम्मीदवारों को अपना सारा आपराधिक रिकॉर्ड का विवरण देना होगा जिसको चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए प्रपत्र के फॉर्मेट में भरकर शपथ पत्र के साथ देना होगा

प्रत्याशियों के आपराधिक रिकॉर्ड को उम्मीदवारों को समाचार पत्र में प्रकाशित करने के निर्देश चुनाव आयोग द्वारा दिए गए हैं जिससे जनता को प्रत्याशी के अपराधिक रिकॉर्ड का पता चल सके

विधायक का पर्चा कैसे भरें

विधायक का चुनाव कैसे लड़े – विधानसभा चुनाव 2023 के लिए जो भी प्रत्याशी विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं वह अपने जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में जाएं और वहां बनाए गए अलग-अलग विधानसभा क्षेत्र के आर ओ कच्छ से अपने लिए नामांकन फार्म प्राप्त कर सकें और वहां पर नामांकन फार्म प्राप्त करने के बाद फॉर्म भरने के बाद वहीं पर जमा कर पाएंगे

नामांकन फार्म प्राप्त करने से पहले अभ्यर्थियों को कुछ प्रतिभूति राष्ट्र के रुपए में जमा करनी होगी यह प्रतिभूति रासि ऑनलाइन भी जमा की जाएगी

विधायक का चुनाव लड़ने में खर्चा कितना लग जाता है

विधायक का चुनाव कैसे लड़े -अगर आप सामान्य वर्ग के उम्मीदवार हैं तो ₹10000 और यदि आप एससी या एसटी वर्ग के उम्मीदवार हैं तो आपको ₹5000 की प्रतिभूति राशि जमा करनी होगी

जो यह राशि होगी वह प्रतिभूत के रूप में आपको जिला निर्वाचन कार्यालय में जमा करना होगा अगर आप अच्छा खासा वोट पाकर भी हार जाते हैं तो आपको यह प्रतिभूति रस लौटा दी जाएगी और अगर आप बहुत कम संख्या में वोट पाए हैं तो आपकी यह राशि जमानत के रूप में जप्त कर ली जाएगी

इसी को कहते हैं कि इस प्रत्याशी की जमानत जप्त हो गई

विधायक का पर्चा भरने कहॉ जाएं

विधायक का चुनाव कैसे लड़े -अगर आपके मन में भी सवाल उठ रहा है कि विधायक का फॉर्म भरने या विधायक का पर्चा भरने कैसे जाएं और कहां जाएं तो आपको बता दें कि सभी विधानसभा प्रत्याशियों का विधायक का पर्चा आपके जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के निर्वाचन विभाग द्वारा आवंटित कच्छ क्रमांक में जाना होगा

और इसके साथ आपको जानकारी होनी चाहिए कि आप अपनी समस्त जानकारी और अमानत की राशि लेकर बाहर तो धूमधाम से जा सकते हैं लेकिन जब वहां पर कलेक्ट्रेट कार्यालय के नामांकन कच्छ में पहुंचेंगे तब वहां सिर्फ चार लोगों को ही प्रवेश मिलेगा

निर्वाचन आयोग के अनुसार नाम निर्देशन पत्र जमा करने आए हुए उम्मीदवारों के साथ नामांकन कच्छ में उम्मीदवार के अलावा सिर्फ चार लोगों को ही अंदर जाने दिया जाएगा

विधायक का चुनाव कैसे लड़े -बाकी जो विधायक प्रत्याशी के साथ आए हुए लोग हैं वह सभी निर्वाचन कार्यालय यानी कलेक्ट्रेट परिसर से 100 मीटर की दूरी पर ही अपनी सभी समर्थकों और अपनी यात्रा जुलूस जो भी हो उसको रोक कर आगे प्रवेश करेंगे

कलेक्ट्रेट कार्यालय या जिला निर्वाचन केंद्र में नामांकन केंद्र की व्यवस्था में किसी भी प्रकार का व्यवधान या रुकावट ना हो इसके लिए भारी पुलिस बल और प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यवस्था के साथ तगड़े इंतजाम किए गए हैं

इतना ही नहीं नामांकन कच्छ में प्रवेश के समय आप सभी की जांच भी की जाएगी सुरक्षा अधिकारी और सुरक्षा कर्मियों द्वारा आपकी विधवा जांच करने के बाद ही नामांकन कच्छ में प्रवेश लेने दिया जाएगा ताकि अंदर किसी भी प्रकार का बवाल उत्पन्न ना हो

क्या रविवार को भी विधायक का पर्चा भरा जाएगा

विधायक का चुनाव कैसे लड़े -आपको बताते चलें कि विधानसभा चुनाव 2023 के तारतम में दिनांक 21 अक्टूबर से शुरू हो रही है मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के विधायकों की नामांकन प्रक्रिया यानी विधायक का फॉर्म भरना 21 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक भरा जाएगा जिसमें प्रत्येक रविवार को या नामांकन प्रक्रिया बंद रहेगी

यानी विधायक का पर्चा दिन रविवार को किसी भी नामांकन केंद्र यानी कलेक्ट्रेट कार्यालय या जिला निर्वाचन केंद्र पर नहीं भरा जाएगा नामांकन अपने जिला निर्वाचन केंद्र में दाखिल कर सकते हैं

यह विधायक के चुनाव का परिचय प्रतिदिन सुबह 10:00 बजे से लेकर दोपहर 3:00 बजे तक ही फार्म निर्देशन पत्र लिए जाएंगे जो लोग मतदाता सूची की नकल प्राप्त करना चाहते हैं वे लोग अपने जिला निर्वाचन केंद्र के बाहर लगे स्टाल से ले सकते हैं

निर्वाचन आयोग की सूची लेने के लिए शुल्क निर्धारित किया गया है जिसे आपको निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के हिसाब से मतदाता सूची की नकल प्राप्त करने के लिए कुछ निश्चित शुल्क भुगतान करना होगा तभी आप मतदाता सूची की नकल प्राप्त कर सकते हैं

विधायक बनने के लिये क्या योग्यता होनी चाहिये

विधायक का चुनाव कैसे लड़े -विधायक बनने के लिए, व्यक्ति को निम्न योग्यतायें होनी चाहिये 

  • भारत का नागरिक होना चाहिए
  • 25 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुका होना चाहिए
  • मानसिक रूप से ठीक व दीवालिया न होना चाहिए
  • अपने ऊपर कोई भी आपराधिक मुकदमा न होने का प्रमाण पत्र देना चाहिए
  • राज्य के किसी भी निर्वाचन क्षेत्र का मतदाता होना चाहिए

विधानसभा में 33 सदस्य होते हैं. इनमें से 30 सदस्यों को प्रत्यक्ष चुनाव में लोगों द्वारा चुना जाता है और शेष तीन सदस्यों को केन्द्र सरकार द्वारा नामित किया जाता है. 

विधायक का काम क्या होता है

विधायक का काम होता है: 

  • विधान बनाना
  • नीति निर्धारण करना
  • शासन पर संसदीय निगरानी रखना
  • वित्तीय नियंत्रण करना

विधान सभा में 500 से अधिक सदस्य नहीं होते हैं और 60 से कम नहीं होते हैं. सबसे बड़ी राज्य, उत्तर प्रदेश, की विधानसभा में 404 सदस्य हैं

विधानसभा चुनाव, राज्यसभा और लोकसभा चुनाव में अंतर

अगर आपके मन में भी सवाल उठ रहा है कि विधानसभा चुनाव या राज्यसभा चुनाव या लोकसभा चुनाव में क्या अंतर होता है तो नीचे विस्तार से पूरी जानकारी देकर समझाइए कृपया पूरा जरूर पढ़ लें

विधायक का चुनाव कैसे लड़े
विधायक का चुनाव कैसे लड़े

भारतीय लोकतंत्र में चुनाव प्रक्रिया

विधायक का चुनाव कैसे लड़े -नहीं यहां का बड़ी दिक्कतलोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा चुनावों में अंतर भारतीय लोकतंत्र की चुनाव प्रक्रिया के अलग-अलग स्तर हैं, संविधान में पूरे देश के लिए एक लोकसभा, एक राज्यसभा तथा राज्यों के लिए अलग विधानसभा का प्रावधान है।

लोकसभा की वर्तमान में कुल 543 सीटों में से विभिन्न राज्यों से अलग-अलग संख्या में जनता के प्रतिनिधि चुने जाते हैं। देश में प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता अपनी पसंद के किसी एक उम्मीदवार को वोट दे सकते हैं, इसके बाद विजेता बनकर जनता का प्रतिनिधि वहीं बनता है, जिस उम्मीदवार को सबसे अधिक वोट मिलता है।

भारत में संसदीय प्रणाली

भारत में एक संसदीय प्रणाली है, जिसमें जन प्रतिनिधियों की शक्तियों को केंद्र सरकार और राज्यों के बीच वितरित किया जाता है। इस क्रम में राष्ट्रपति देश का प्रमुख मुखिया और सभी रक्षा बलों का सर्वोच्च कमांडर-इन-चीफ होता है।

वहीं, प्रधानमंत्री लोकसभा के राष्ट्रीय चुनावों में बहुमत प्राप्त राजनीतिक गठबंधन की पार्टी का नेता होता है। देश का प्रधानमंत्री भारत सरकार की कार्यकारी शाखा का प्रमुख नेता होता है।

लोकसभा

• लोक सभा जनता के प्रतिनिधियों से बनी होती है।

• लोकसभा का उम्मीदवार देश की जनता द्वारा चुना जाता है।

• लोकसभा में कुल 552 सीट होती है।

• लोकसभा में राज्यों का प्रतिनिधित्व करने के लिए 530 सदस्य शामिल हो सकते हैं।

• केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने के लिए 20 सदस्य शामिल हो सकते हैं।

104वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 द्वारा भारत की संसद और राज्य विधानसभाओं में एंग्लो-इंडियन आरक्षित सीटों को समाप्त कर दिया गया है।

• लोकसभा सदस्य बनने के लिए भारतीय नागरिक की आयु 25 वर्ष से अधिक होना चाहिए।

• लोकसभा सदस्यों का कार्यकाल पांच साल के लिए होता हैं। लेकिन प्रधानमंत्री की सलाह पर उसे राष्ट्रपति पहले भी भंग कर सकता है।

• लोकसभा का काम कानून बनाना, कानून में संशोधन करना, मंत्रिपरिषद के कामों पर अपना नियंत्रण रखना और जनता पर कर लगाने और खर्च करने का निर्णय लेना होता है।

राज्यसभा

• राज्यसभा के उम्मीदवार MLA (Member Of Legislative Assembly) द्वारा चुने जाते हैं और इसका चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से किया जाता है।

• राज्यसभा में कुल 250 सीट हैं, जिसमें 12 सदस्य राष्ट्रपति द्वारा नामित किए जाते हैं।

• राज्यसभा के चुनाव में सभी विधानसभाओं के विधायक हिस्सा लेते हैं। इसमें विधान परिषद के सदस्य वोट नहीं कर सकते है। • राज्यसभा एक स्थाई सदन है और इसे भंग नहीं किया जा

सकता है।

• राज्यसभा के सदस्यों का कार्यकाल 6 साल का होता है, इसमें हर दो साल में एक तिहाई सदस्य रिटायर हो जाते हैं, जिस वजह से हर दो साल में चुनाव होता है।

राज्य विधानसभा या विधानसभा चुनाव

• राज्य विधान सभा के सदस्य सीधे वोट द्वारा चुने जाते हैं।

• उम्मीदवार को उन उम्मीदवारों में से चुना जाता है जो अपने संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव लड़ते हैं।

• प्रत्येक युवा उम्मीदवार अपने संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में मतदान कर सकता है।

• राज्य विधान सभा चुनाव जीतने वाले उम्मीदवार को विधान सभा सदस्य (एमएलए) के रूप में जाना जाता है।

• एक विधायक पांच साल तक या राज्यपाल द्वारा निकाय को भंग किए जाने तक पद पर बना रहता है।

उम्मीद करता हूं कि आपको यह पूरी जानकारी अच्छे से समझ में आ गई होगी कि विधायक का चुनाव कैसे लड़े, अगर आपको यह हमारी जानकारी अच्छी लगी हो तो यह जानकारी दूसरे के साथ जरूर शेयर करें ताकि यह जानकारी सभी के साथ पहुंचाई जा सके

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