केंद्र सरकार के बारे में क्या कहा डिप्टी सीएम ने

केंद्र सरकार ने बीते 8 वर्ष में जांच एजेंसियों को राजनीतिक प्रतिशोध का एक उपकरण बना दिया है। 8 साल पूर्व देशवासियों ने इनकी इंटेग्रिटी व कार्यप्रणाली पर इस तरह के सवाल कभी नहीं उठाए थे। अभी हमारा CBI से विरोध Institution से नहीं बल्कि इनकी राजनीति से प्रेरित कार्यप्रणाली से है।

जांच एजेंसियां केवल व केवल विपक्ष शासित राज्य और वहाँ के नेताओं पर ‘छापे मारकर’ अपने राजनीतिक मालिकों को प्रसन्न करने की कोशिश करती है। BJP के लगभग 300 से ऊपर MP और 1000 से अधिक विधायको पर इन एजेंसियों द्वारा आज तक कोई रेड नहीं पड़ी। इसलिए इनके Political Character से हमारा विरोध है। बीते 8 वर्षों में विपक्ष के कई नेताओं पर इसी IT/ED/CBI के माध्यम से छापे पड़े। ढेर सारे आरोप तय हुए, गोदी मीडिया के माध्यम से उनका चरित्रहनन हुआ लेकिन जैसे ही उन कथित भ्रष्ट विपक्षी नेताओं ने भाजपा ज्वाइन की वो पवित्रता का प्रमाण पत्र पा गए। कोई मंत्री बन गया तो कोई मुख्यमंत्री बन गया।

एजेन्सी के अधिकारियों से हमारा न कभी विरोध था और ना है। हम जानते है कि ये आदेश का अनुपालन कर रहे है। लेकिन CBI का इस्तेमाल राजनीतिक instrument की तरह जो हो रहा है उसका हम विरोध करते रहेंगे। हमारे यहाँ संविधान को मानने वाली न्यायप्रिय समाजवादी सरकार है जहां हर कोई सुरक्षित है।

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