मेडिकल कॉलेजों के मेडिकल सुपरिटेंडेंट और डीपीए उपस्थित थे तेजस्वी यादव के साथ

आज स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में विभाग के शीर्ष अधिकारी, सभी जिलों के सिविल सर्जन, बिहार के सभी मेडिकल कॉलेजों के मेडिकल सुपरिटेंडेंट और डीपीएम उपस्थित थे। हमने सभी को स्वास्थ्य विभाग संबंधित अपने नेक इरादों और स्पष्ट लक्ष्य से अवगत करा दिया है।

हमने सभी को अपने नेक इरादों और लक्ष्यों से अवगत करा दिया है। बिहार के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला सदर अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सेवा में सुधार का 60 दिनों का लक्ष्य दिया है। जिसमें सफ़ाई, दवाई, सुनवाई और कारवाई सुनिश्चित करना शामिल है। किसी भी प्रकार की कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कितने घंटो तक खुला रहना चाहिए जिला अस्पताल

जिला सदर एवं बड़े अस्पतालों में 24 घंटे उचित स्टाफ़ के साथ Help Desk और Complaint Desk स्थापित करने का आदेश दिया गया है। जिसमें मरीज़ों के भर्ती होने से लेकर, Ambulence, शव वाहन, रेफ़रल की सहज व सरल सुविधा प्रदान करने साथ-साथ मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया को भी सुगम बनाने का निर्देश दिया है।

जिला अस्पतालों को रेफ़रल पॉलिसी का SOP फ़ॉलो करने एवं सभी आवश्यक दवाओं की उपलब्धता व मेडिकल उपकरणों को चालू अवस्था में रखने का भी निर्देश है। जहां मानव संसाधन की कमी है उसकी तत्काल पूर्ति की जाए। रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया में तेज़ी लाया जाए।

हमने सभी को स्पष्ट कहा है कि l’am allergic to corruption. स्वास्थ्य विभाग में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता, रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम पूर्व स्वास्थ्य मंत्री की तरह स्कोर नहीं पूछेंगे बल्कि पर्फ़ोर्मन्स के स्कोर के आधार पर आपकी सेवा का मूल्यांकन करेंगे। माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में हम बिहार में स्वास्थ्य सेवा को और अधिक बेहतर बनाते हुए गरीब, मज़लूम, जरूरतमंद और मरीज की मदद करने एवं बिहार को स्वस्थ व खुशहाल बनाने के लिए कृत संकल्पित है।

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